madhyapradesh – My Blog https://news.newspaperhost.com My WordPress Blog Wed, 15 Jul 2026 10:22:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.1 IAS प्रमोशन विवाद में बड़ा खुलासा, SIT चार्जशीट में 140 कॉल, रिजॉर्ट मुलाकात और नियम तोड़ने के आरोप https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/ias-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a5%81/ Wed, 15 Jul 2026 10:22:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/ias-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a5%81/ ias-प्रमोशन-विवाद-में-बड़ा-खुलासा,-sit-चार्जशीट-में-140-कॉल,-रिजॉर्ट-मुलाकात-और-नियम-तोड़ने-के-आरोप

इंदौर  इंदौर के बहुचर्चित आईएएस संतोष वर्मा और तत्कालीन जिला न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत केस में एक बार फिर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हाल […]

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इंदौर 

इंदौर के बहुचर्चित आईएएस संतोष वर्मा और तत्कालीन जिला न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत केस में एक बार फिर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विजेंद्र सिंह रावत को विभागीय कार्रवाई से राहत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद विशेष जांच दल (SIT) की चार्जशीट में दर्ज कई चौंकाने वाले तथ्य दोबारा सुर्खियों में आ गए हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एसआईटी की चार्जशीट में दोनों के बीच के घटनाक्रम को लेकर क्या बड़े दावे किए गए हैं।

140 बार फोन पर बात और रिजॉर्ट में मुलाकात
एसआईटी की जांच के अनुसार, तत्कालीन जिला न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत और आईएएस संतोष वर्मा के बीच मोबाइल पर करीब 140 बार बातचीत हुई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इन संपर्कों के बाद ही पूरे मामले में तेजी आई।

चार्जशीट के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2020 को दोनों के बीच फोन पर बात हुई और फिर दोनों ने इंदौर के ग्रैंड माचल रिजॉर्ट में मुलाकात की। इसी दिन न्यायाधीश ने कोर्ट से अवकाश लेने का आवेदन भी दिया था।

रात 9 बजे सौंपी गई फैसले की कॉपी
चार्जशीट में दर्ज टाइम लाइन के अनुसार, आईएएस संतोष वर्मा की विभागीय पदोन्नति (DPC) को हरी झंडी दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं को कथित तौर पर असाधारण गति से आगे बढ़ाया गया।

7 अक्टूबर 2020 की शाम करीब 5:15 बजे कोर्ट की नकल शाखा से आदेश की दो प्रमाणित कॉपी निकाली गईं। उसी रात 9 बजे संतोष वर्मा को उनके रेजिडेंसी क्षेत्र स्थित निवास के पास फैसले की कॉपी सौंप दी गई। 8 अक्टूबर 2020 की सुबह संतोष वर्मा आदेश की कॉपियां लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD), भोपाल पहुंच गए और अपना आवेदन पेश कर दिया।

क्या था पूरा विवाद और कैसे हुआ खुलासा?
यह पूरा मामला साल 2016 में इंदौर के लसूड़िया थाने में एक महिला द्वारा आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। दरअसल, साल 2020 में संतोष वर्मा की पदोन्नति होनी थी, जिसके लिए इस लंबित मामले का निपटारा होना जरूरी था। एसआईटी का आरोप है कि इसी वजह से केस को जल्द खत्म करने के प्रयास शुरू हुए।

जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी पीड़ित महिला को मिली तो उन्होंने 9 नवंबर 2020 को कोर्ट की विजिलेंस शाखा और जिला न्यायाधीश से शिकायत की। बाद में आरटीआई के जरिए भी जानकारी जुटाई गई।

फर्जी जजमेंट और FIR: विवाद बढ़ने पर एमजी रोड थाने में फर्जी निर्णय (जजमेंट) तैयार करने का मुकदमा दर्ज हुआ। एसआईटी ने जांच के बाद विजेंद्र सिंह रावत और संतोष वर्मा दोनों को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चार्जशीट पेश की।

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एमपी में जुलाई में मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी, पारा 36°C के पार; अगले 5 दिन भारी बारिश के आसार नहीं https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%85/ Wed, 15 Jul 2026 09:31:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%85/ एमपी-में-जुलाई-में-मार्च-अप्रैल-जैसी-गर्मी,-पारा-36°c-के-पार;-अगले-5-दिन-भारी-बारिश-के-आसार-नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर थमने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की […]

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भोपाल
 मध्य प्रदेश
में तेज बारिश का दौर थमने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। जुलाई के महीने में ही लोगों को मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम है, जिससे तापमान में और इजाफा हो सकता है।

6 दिनों से भारी बारिश पर ब्रेक
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक, पिछले 6 दिनों से प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। हालांकि कई जिलों में दिन के समय बादल छा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। अब तक प्रदेश में औसतन 241.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 260 मिमी मानी जाती है। यानी फिलहाल मध्य प्रदेश में करीब 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

21 जिलों में हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर तेज बारिश की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।

कई जिलों में गर्मी और उमस करेगी परेशान
मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस बने रहने की संभावना जताई है। जिन जिलों में गर्म मौसम का प्रभाव अधिक रहेगा, उनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज धूप, अधिक तापमान और नमी के कारण उमस का असर अधिक महसूस किया जा सकता है।

किसानों की बढ़ सकती है चिंता
मानसून की धीमी रफ्तार का असर कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की बुआई बारिश पर निर्भर है। यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों की चिंता बढ़ सकती है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का अगला सक्रिय चरण शुरू होने के बाद स्थिति में सुधार संभव है।

अगले पांच दिन कैसा रहेगा मौसम?
आईएमडी के अनुसार, अगले पांच दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बहुत कम है। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी और उमस का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और मानसून की गतिविधियों में बदलाव होने पर नया पूर्वानुमान जारी करेगा।फिलहाल प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

सामान्य से लगभग 21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज
प्रदेश के पूर्वी हिस्से जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में सामान्य से लगभग 21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग सहित पश्चिमी हिस्से में औसतन 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी और विदिशा।

इन जिलों में सामान्य से अधिक पानी गिरा
छतरपुर, दमोह, निवाड़ी, पांढुर्णा, आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर और उज्जैन।

जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। हालांकि, पिछले 6 दिन से तेज बारिश नहीं होने से लगातार दो दिन से आंकड़ा माइनस में आ गया है।

इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।

प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

देवास में 18 इंच पानी गिरा, भोपाल-इंदौर बेहतर प्रदेश में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है। यहां 102 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो यहां अब तक 18 इंच बारिश हो चुकी है। इंदौर-सीहोर में 14 इंच बरसात हुई है।

हरदा में 15 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल में 13.1 इंच पानी गिरा है। आगर-मालवा, अशोकनगर, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सिवनी और उमरिया जिले भी बेहतर स्थिति में है। आलीराजपुर में सबसे कम सवा 2 इंच ही बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत कम है।

जुलाई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड

इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है।

इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है।

भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है। यानी, हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है।

जबलपुर में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड चारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था, जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है।

ग्वालियर में 6 बार 8 इंच से कम बारिश भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है।

ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 में 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है।

उज्जैन में जमकर होती है बारिश प्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है। कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने हो जाती है।

 

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डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, इंदौर में IT पार्क और भोपाल में AI-रेडी डेटा सेंटर की तैयारी https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae/ Wed, 15 Jul 2026 09:12:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae/ डिजिटल-अर्थव्यवस्था-को-मिलेगी-नई-रफ्तार,-इंदौर-में-it-पार्क-और-भोपाल-में-ai-रेडी-डेटा-सेंटर-की-तैयारी

 इंदौर  एक समय उद्योगों की पहचान कारखानों की चिमनियों से होती थी। अब डिजिटल अर्थव्यवस्था के दौर में विकास की रफ्तार डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस […]

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डिजिटल-अर्थव्यवस्था-को-मिलेगी-नई-रफ्तार,-इंदौर-में-it-पार्क-और-भोपाल-में-ai-रेडी-डेटा-सेंटर-की-तैयारी

 इंदौर
 एक समय उद्योगों की पहचान कारखानों की चिमनियों से होती थी। अब डिजिटल अर्थव्यवस्था के दौर में विकास की रफ्तार डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और आइटी सेवाएं तय कर रही हैं। यही वजह है कि मध्य प्रदेश भी अपनी औद्योगिक रणनीति बदल रहा है।

राज्य सरकार की नई योजना में भोपाल को बड़े डाटा सेंटर और डिजिटल अधोसंरचना का केंद्र, जबकि इंदौर को आईटी, स्टार्टअप, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है। इस रणनीति को सरल भाषा में समझें तो कहा जा सकता है कि यदि डिजिटल अर्थव्यवस्था एक शरीर है, तो इंदौर उसका ‘दिमाग’ होगा, जहां नए समाधान और तकनीकें विकसित होंगी, जबकि भोपाल उसकी ‘याददाश्त’ बनेगा, जहां विशाल डिजिटल डाटा सुरक्षित रहेगा।

यह बदलाव केवल नई परियोजनाओं का नहीं, बल्कि औद्योगिक सोच में आए परिवर्तन का संकेत है। पहले निवेश का मतलब नई फैक्ट्री, उत्पादन इकाई या औद्योगिक प्लांट होता था। अब निवेश की नई सूची में डाटा सेंटर, एआइ, क्लाउड सेवाएं, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर शामिल हो चुके हैं। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां अब ऐसे शहर तलाश रही हैं, जहां मजबूत डिजिटल अधोसंरचना और प्रशिक्षित मानव संसाधन दोनों उपलब्ध हों।

भोपाल में प्रस्तावित एआइ-रेडी डाटा सेंटर प्रदेश की डिजिटल रीढ़ बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यहां विशाल सर्वर नेटवर्क, क्लाउड सेवाएं और डाटा स्टोरेज जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। दूसरी ओर इंदौर में आइटी पार्क, स्टार्टअप इकोसिस्टम, एआइ आधारित नवाचार और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल साफ्टवेयर सेवाएं देना नहीं, बल्कि नई तकनीकों का विकास और वैश्विक कंपनियों के लिए नवाचार का केंद्र बनना है।

यह होता है डाटा सेंटर?

    यदि फैक्ट्री भौतिक उत्पाद बनाती है, तो डाटा सेंटर डिजिटल दुनिया को संचालित करता है। बैंकिंग लेनदेन, यूपीआइ, अस्पतालों के डिजिटल रिकार्ड, सरकारी पोर्टल, ओटीटी प्लेटफार्म, इंटरनेट मीडिया और एआइ मॉडल का विशाल डाटा ऐसे ही केंद्रों में सुरक्षित रहता है।

    एआई के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ डाटा संग्रहण और प्रोसेसिंग की जरूरत कई गुना बढ़ रही है इसलिए डाटा सेंटर अब नई डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार बन चुके हैं।

डाटा सेंटर की सबसे बड़ी जरूरतें

    बिजली, फाइबर नेटवर्क, कूलिंग सिस्टम, साइबर सुरक्षा, कुशल इंजीनियर

मध्य प्रदेश की ताकत

    भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक नीति, आईटी इकोसिस्टम, स्किल्ड मैनपावर

 

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भोपाल में कोचिंग सेंटरों पर फायर सेफ्टी जांच तेज, सुरक्षा उपकरणों की लगातार हो रही पड़ताल https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82/ Wed, 15 Jul 2026 08:22:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82/ भोपाल-में-कोचिंग-सेंटरों-पर-फायर-सेफ्टी-जांच-तेज,-सुरक्षा-उपकरणों-की-लगातार-हो-रही-पड़ताल

भोपाल राजधानी में कोचिंग सेंटरों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम का फायर […]

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भोपाल
राजधानी में कोचिंग सेंटरों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम का फायर अमला 11 नंबर स्टाप क्षेत्र में संचालित हो रही छह कोचिंग सेंटरों की जांच करने दिन में दो बार पहुंचा। पहली बार अमला सुबह 11 बजे पहुंचा था, लेकिन तब तक कोचिंग सेंटर बंद हो चुके थे। इसके बाद टीम ने शाम 4 बजे दोबारा दबिश दी और सेंटरों के भीतर सुरक्षा इंतजामों को परखा, जहां किसी भी सेंटर में फायर सेफ्टी के आवश्यक उपकरण नहीं पाए गए।

फायर आफिसर सौरभ कुमार पटेल ने बताया कि शिकायत के आधार पर टीम पहली बार 11 नंबर स्थित नाले के ऊपर बने एक जर्जर भवन में चल रही छह कोचिंग सेंटरों की जांच करने पहुंची थी। सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाए जाने पर सभी संचालकों को तुरंत फायर उपकरण लगवाने का नोटिस थमाया गया है।

फाइल अटकने से टली 31 डिफाल्टरों पर कार्रवाई
फायर आफिसर ने यह भी जानकारी दी कि शहर के जिन 31 कोचिंग सेंटरों को पूर्व में जांच के बाद सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की मोहलत दी गई थी, उसकी समय-सीमा खत्म हो चुकी है। हालांकि मंगलवार को इनके खिलाफ तालाबंदी या सीलिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि इससे संबंधित फाइल वर्तमान में अपर आयुक्त वरुण अवस्थी के पास प्रक्रिया में है। उच्च स्तर से निर्देश मिलते ही इन 31 कोचिंग सेंटरों की दोबारा जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर इन्हें तुरंत सील कर दिया जाएगा।

61 में से केवल 30 ने ही दिया है शपथ पत्र
नगर निगम ने 23 जून को शहर के करीब 61 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए थे, जबकि फायर डिपार्टमेंट ने आठ सेंटरों को मौके पर ही सील कर दिया था। इसके बाद सात जुलाई को निगम मुख्यालय में हुई बैठक में संचालकों को समझाइश दी गई थी।

 

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मोहन सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस; आनंद विभाग की मिली जिम्मेदारी https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8/ Wed, 15 Jul 2026 06:36:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8/ मोहन-सरकार-का-बड़ा-प्रशासनिक-फेरबदल,-लखन-पटेल-से-पशुपालन-विभाग-वापस;-आनंद-विभाग-की-मिली-जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन मंत्री लखन पटेल से उनका विभाग छीन लिया है. सीएम मोहन ने अचानक ये फैसला लिया. […]

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मोहन-सरकार-का-बड़ा-प्रशासनिक-फेरबदल,-लखन-पटेल-से-पशुपालन-विभाग-वापस;-आनंद-विभाग-की-मिली-जिम्मेदारी

भोपाल 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन मंत्री लखन पटेल से उनका विभाग छीन लिया है. सीएम मोहन ने अचानक ये फैसला लिया. मुख्यमंत्री खुद पशुपालन विभाग देखेंगे. लखन पटेल को आनंद विभाग सौंपा गया है। 

गजट अधिसूचना के अनुसार, लखन पटेल के पास सिर्फ आनंद विभाग रहेगा. सरकार की ओर से विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है. यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। 

कौन हैं लखन पटेल?
लखन पटेल की गिनती एमपी बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में होती है. 2013 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पटेल को पथरिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाया. उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार कुंवर पुष्पेंद्र सिंह हजारी से हुआ और वे 7,315 वोटों के मामूली अंतर से जीते. उन्हें कुल 60,083 वोट मिले, जबकि हजारी को 52,768 वोट मिले। 

सरकार की ओर से विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, मंत्री लखन पटेल ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि विभाग देना और लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार हैं। मुझे नहीं पता कि मुझसे यह विभाग क्यों वापस लिया। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग अपने पास रखा है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल या विभागों के प्रभार में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए
मध्य प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक लखन पटेल ने राजनीति में आने से पहले बैंकिंग क्षेत्र में लंबा कार्यकाल बिताया। उन्होंने जबलपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से वर्ष 1978-79 में कृषि विषय से स्नातक (बीएससी एग्रीकल्चर) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कई वर्षों तक सेवाएं दीं। बाद में उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। राजनीतिक जीवन के दौरान वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष भी रहे। 

दूसरी बार चुनाव जीत कर बने थे मंत्री 
पहला चुनाव भाजपा ने वर्ष 2013 में लखन पटेल को दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था। उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार रामबाई के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2023 के चुनाव में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए दोबारा पथरिया सीट जीत ली और फिर से विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के कैबिनेट में उन्हें स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया था। 
    

2018 के चुनाव में हारे
2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पटेल ने फिर से बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ा, लेकिन बहुजन समाज पार्टी उम्मीदवार रामबाई गोविंद सिंह से 2,205 वोटों के अंतर से हार गए. पटेल को 37,062 वोट मिले, जबकि सिंह को 39,267 वोट मिले. 2023 के विधानसभा चुनाव में पटेल ने एक बार फिर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. ​​उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राव ब्रजेंद्र सिंह को 18,159 वोटों के अंतर से हराया. पटेल को 82,603 ​​वोट मिले और सिंह को 64,444 वोट मिले। 

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में करेंगे बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c/ Wed, 15 Jul 2026 06:32:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c/ मुख्यमंत्री-डॉ.-यादव-इंदौर-में-करेंगे-बलराम-कृषि-महोत्सव-2026-का-शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में करेंगे बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ कृषकों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण और शासन की योजनाओं से जोड़ेगा […]

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मुख्यमंत्री-डॉ.-यादव-इंदौर-में-करेंगे-बलराम-कृषि-महोत्सव-2026-का-शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में करेंगे बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ

कृषकों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण और शासन की योजनाओं से जोड़ेगा महोत्सव
कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसान होंगे सम्मानित

इंदौर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर में “बलराम कृषि महोत्सव-2026” का शुभारंभ करेंगे। वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी परिसर इंदौर में हो रहा है। महोत्सव में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीजों, नवीन कृषि यंत्रों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण तथा शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी, जिससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं समृद्ध बन सके।

महोत्सव में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले उत्कृष्ट किसानों का सम्मान भी किया जाएगा। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण, कृषि यंत्रों एवं उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन तथा किसानों को तकनीकी साहित्य भी उपलब्ध कराया जाएगा। महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, कृषि अभियांत्रिकी तथा अन्य संबंधित विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। किसानों को विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों से सीधे संवाद का और अपनी समस्याओं के समाधान का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें नवीन तकनीकों एवं बाजार आधारित कृषि मॉडल की जानकारी भी मिलेगी।

महोत्सव में किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं, ऑनलाइन कृषि परामर्श, मौसम आधारित खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, उन्नत कृषि यंत्रों तथा आधुनिक कृषि प्रबंधन प्रणालियों की जानकारी भी दी जाएगी। विशेषज्ञ किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप खेती की नई पद्धतियों एवं जोखिम प्रबंधन के उपायों से भी अवगत कराया जायेगा।

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विभाग के साथ उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता, कृषि अभियांत्रिकी, ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। विभागीय स्टॉलों पर किसानों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, तकनीकी परामर्श तथा प्रदर्शनियों के माध्यम से नवीन कृषि नवाचारों से परिचित कराया जाएगा। महोत्सव प्रदेश में कृषि विकास को नई गति देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को तकनीक आधारित, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

महोत्सव के माध्यम से किसानों को 6 प्रमुख कृषि संकल्पों से जोड़ा जाएगा:-

• प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा।

• जल संरक्षण एवं “हर खेत को पानी” की दिशा में प्रयास।

• कृषि यंत्रीकरण एवं आधुनिक तकनीकों का विस्तार।

• फसल विविधीकरण एवं मूल्य संवर्धन।

• किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहन।

• शासन की किसान कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ किसानों तक पहुंचाना।

इंदौर से प्रारंभ होने वाले राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत 17 जुलाई को धार में, 19 जुलाई को झाबुआ में, 21 जुलाई को आलीराजपुर में, 23 जुलाई को बड़वानी, 25 जुलाई को खरगौन में, 27 जुलाई को बुरहानपुर में और 30 जुलाई को खण्डवा में बलराम महोत्सव आयोजित किया जायेगा।

 

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शहरों को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाएगी नमो हरित-नगर योजना, https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b7/ Wed, 15 Jul 2026 06:22:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b7/ शहरों-को-हरा-भरा-और-प्रदूषण-मुक्त-बनाएगी-नमो-हरित-नगर-योजना,

शहरों को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाएगी नमो हरित-नगर योजना, अगले 5 वर्षों में विकसित होंगे आधुनिक नगर वन, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से होगी […]

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शहरों-को-हरा-भरा-और-प्रदूषण-मुक्त-बनाएगी-नमो-हरित-नगर-योजना,

शहरों को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाएगी नमो हरित-नगर योजना,

अगले 5 वर्षों में विकसित होंगे आधुनिक नगर वन, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से होगी पौधों की निगरानी
50:50 के अनुपात में जनभागीदारी और CSR फंड से भी जुटेगी राशि, थीम बेस्ड पार्कों का होगा निर्माण
नगरीय विकास आयुक्त भोंडवे ने भोपाल की पहाड़ियों का किया निरीक्षण

भोपाल 
मध्यप्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आगामी 5 वर्षों के लिए *₹100 करोड़* के बजट के साथ *”नमो हरित-नगर योजना”* को संचालित किया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना, खाली पड़े क्षेत्रों को पार्क के रूप में विकसित करना और सुंदर ‘नगर वन’ (अर्बन फॉरेस्ट) विकसित करना है।

योजना के मुख्य आकर्षण और प्रभाव

हाई-टेक मॉनिटरिंग : लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनके विकास की शत-प्रतिशत निगरानी के लिए क्यूआर कोड, जीआईएस मैपिंग और जियो-टैगिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण:शहरों के स्थानीय मौसम और मिट्टी के अनुकूल पौधों का चयन होगा। जल संरक्षण के लिए पुराने वृक्षों को बचाने, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) और जलस्रोतों के किनारों पर पौधरोपण को प्राथमिकता दी जाएगी।

थीम आधारित नगर वन: नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने के लिए इन शहरी जंगलों को विशेष थीम पर विकसित किया जाएगा। इनमें पंचवटी, नक्षत्र वन, औषधि वाटिका, ऑक्सीजन पार्क, तितली पार्क और योग-वेलनेस पार्क प्रमुख हैं।

जनभागीदारी (50:50 मॉडल) : योजना की खास बात यह है कि इसमें जनता और कॉर्पोरेट्स को भी जोड़ा गया है। सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि के बराबर की राशि नगर निकायों को जनभागीदारी, स्वयं सहायता समूहों, एनजीओ या कंपनियों के *सीएसआर फंड* के माध्यम से जुटानी होगी।

 नगरीय निकायों को तीन किश्तों में मिलेगी वित्तीय सहायता

योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए राज्य सरकार नगर निकायों को तीन किश्तों में राशि जारी करेगी। प्रदेश के पाँच बड़े महानगरों (भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन) को सर्वाधिक ₹5 करोड़ तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 11 नगर निगमों को ₹1.20 करोड़, 98 नगर पालिकाओं को ₹30 लाख और 299 नगर परिषदों को ₹10 लाख* तक की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। इस पूरी योजना का 3 प्रतिशत हिस्सा प्रशासनिक व्यवस्था और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के कार्यों पर व्यय किया जाएगा।

भोपाल की पहाड़ियाँ बनेंगी सुंदर सार्वजनिक पार्क

‘अमृत हरित महाअभियान’ के अंतर्गत योजना को जमीन पर उतारने की कवायद शुरू हो चुकी है।नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवेऔर भोपाल नगर निगम आयुक्त सुसंस्कृति जैन ने संयुक्त रूप से ज्यूडिशियल अकादमी क्षेत्र में चिनार पार्क से भदभदा गेट तक की बंजर पहाड़ियों का निरीक्षण किया।

आयुक्त भोंडवे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखकर, वैज्ञानिक पद्धति से व्यवस्थित सार्वजनिक पार्कों के रूप में बदला जाए। इन स्थलों पर नागरिकों के लिए वॉकिंग ट्रैक, प्रकृति पथ (नेचर ट्रेल) और बुनियादी सुविधाएँ विकसित की जाएँगी, जिससे लोग यहाँ आकर अच्छा समय बिता सकें।सरकार की यह दूरदर्शी पहल शहरों में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ, हरित पर्यावरण देने में मील का पत्थर साबित होगी।

 

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डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से पानी में डूब रही महिला को मिला जीवनदान https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b2-112-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b8/ Wed, 15 Jul 2026 06:12:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b2-112-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b8/ डायल-112-की-त्वरित-कार्रवाई-से-पानी-में-डूब-रही-महिला-को-मिला-जीवनदान

डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से पानी में डूब रही महिला को मिला जीवनदान नर्मदापुरम में पुलिसकर्मियों की सतर्कता, साहस और समय पर दिए गए सीपीआर […]

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डायल-112-की-त्वरित-कार्रवाई-से-पानी-में-डूब-रही-महिला-को-मिला-जीवनदान

डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से पानी में डूब रही महिला को मिला जीवनदान

नर्मदापुरम में पुलिसकर्मियों की सतर्कता, साहस और समय पर दिए गए सीपीआर से बची महिला की जान

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 ने एक बार फिर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नर्मदापुरम में पानी में डूब रही एक महिला का जीवन बचाया। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ, साहस और समय पर दिए गए सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) के कारण महिला की सांसें वापस लौटीं और उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

13 जुलाई को डायल-112 को सूचना प्राप्त हुई कि नर्मदापुरम के पोस्ट ऑफिस घाट पर एक महिला पानी में डूब रही है। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वहां एक महिला पानी में पेट के बल अचेत अवस्था में मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 में तैनात प्रधान आरक्षक राकेश भिलाला ने बिना समय गंवाए महिला को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला।

महिला की हालत गंभीर होने पर थाना कोतवाली में पदस्थ उप निरीक्षक सुदीपिका लोखंडे को तत्काल मौके पर बुलाया गया। उन्होंने अपनी व्यावसायिक दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को तत्काल सीपीआर दिया, जिससे उसकी सांसें पुनः चलने लगीं। इसके बाद पुलिस टीम ने महिला को तत्काल जिला अस्पताल, नर्मदापुरम पहुंचाकर भर्ती कराया।

पुलिस की इस संवेदनशील एवं जीवनरक्षक कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साई कृष्णा थोटा ने उप निरीक्षक सुदीपिका लोखंडे एवं प्रधान आरक्षक राकेश भिलाला को उनके साहस, तत्परता और उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया।

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। त्वरित सूचना और समय पर पुलिस की प्रतिक्रिया कई बार अमूल्य जीवन बचाने में निर्णायक सिद्ध होती है।

 

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जगदीशपुर में 19 जुलाई को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-19-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97/ Wed, 15 Jul 2026 06:04:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-19-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97/ जगदीशपुर-में-19-जुलाई-को-होगी-मंत्रि-परिषद-की-बैठक-:-मुख्यमंत्री-डॉ.-यादव

जगदीशपुर में 19 जुलाई को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर होगी चर्चा युवा वर्ष के रूप […]

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जगदीशपुर-में-19-जुलाई-को-होगी-मंत्रि-परिषद-की-बैठक-:-मुख्यमंत्री-डॉ.-यादव

जगदीशपुर में 19 जुलाई को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर होगी चर्चा
युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा वर्ष 2027
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंत्रि-परिषद की आगामी बैठक 19 जुलाई, रविवार को भोपाल जिले के जगदीशपुर (पूर्व के इस्लाम नगर) में होगी। इसमें मुख्य रूप से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर चर्चा होगी। यह विधेयक एक देश-एक विधान-एक प्रधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से विधानसभा सत्र प्रारंभ हो रहा है। यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा, जिसमें 14 विधेयक आना है। सभी मंत्रीगण अपने विभागों के विधेयक की समय से तैयारी पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले, मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

युवा वर्ष आयोजन के संबंध में प्रदेशवासियों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2027 “युवा वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। युवा वर्ष में संचालित की जाने वाली गतिविधियों तथा नवाचारों के संबंध में प्रदेशवासियों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे है। उपयुक्त सुझावों को वर्ष 2027 की कार्य योजना में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान किसान कल्याण वर्ष 2026 में नवाचार करने तथा किसान हितैषी गतिवधियां संचालित करने के संबंध में भी मंत्रीगण से सुझाव आमंत्रित किए।

आधुनिक तकनीक ने नगरीय प्रशासन कार्य प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय आवास एवं विकास विभाग को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत सायबर सुरक्षा श्रेणी में प्रतिष्ठित रजत पुरस्कार प्राप्त होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभाग ने विकसित ई-नगर पालिका प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक के माध्यम से नगरीय प्रशासन कार्यों को सरल और पारदर्शी बनाया है। यह उपलब्धि प्रदेश में डिजिटल सुशासन, पारदर्शी प्रशासन और नागरिक केंद्रित सेवाओं के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 12 जुलाई को इन्दौर में 21 लाख पौध-रोपण और 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों की स्थापना का शुभारंभ हुआ। एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तथा जल, जंगल और पर्यावरण बचाने का यह महाभियान देश में एक उदाहरण बनेगा। इंदौर में इस अभियान का तीसरा वर्ष है और हर वर्ष इसमें समाज की सहभागिता बढ़ रही है।

पीथमपुर म.प्र. का बन गया है इंडस्ट्रियल ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर में 2 बड़ी औद्योगिक इकाईयों की सौगात मिली है। किसान इरिगेशन की चौथी विनिर्माण इकाई तथा लिउगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नये मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन हुआ। किसान इरिगेशन, आधुनिक पाईप, ड्रिप, स्प्रिकंलर इरीगेशन सिस्टम के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। लिउगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बड़े हैवी अर्थ मूवर्स के निर्माताओं मे से एक है। पीथमपुर म.प्र. का इंडस्ट्रियल ग्रोथ इंजन बन गया है। पीथमपुर मध्यप्रदेश का ही नहीं, पूरे देश का “मैन्युफैक्चरिंग गेटवे” बन चुका है। हमारी सरकार औद्योगिक विकास के लिये कृत संकल्पित है और इसी का परिणाम है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आकृष्ट हो रहें है।

डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स का हुआ कॉन्क्लेव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इन्दौर में 11 जुलाई को ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, धार सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के 200 से अधिक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स शामिल हुये। प्रदेश के डिजिटल इंफ्ल्यूएंसर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘डिजिटल कंटेंट अवॉर्ड’ प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है ।

मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में दिनांक 13 जुलाई को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का शुभारंभ हुआ। टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और डेटा सेक्टर के उद्यमियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है। कॉन्क्लेव 3.0 में लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश और इससे 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ। कॉन्क्लेव में 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण हुआ और 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र प्रदान किए गये। जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर’ के विशेष सत्र में देश-विदेश की 10 प्रतिष्ठित संस्थाओं के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सेमी कंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है।

प्रदेश की बेटी सुश्री क्रांति गौड़ का मैच जीतने में रहा विशेष योगदान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेट का मक्का कहे जाने वापले लार्डस के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड की टीम को टेस्ट मैच में 270 रन से पराजित करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लॉईस के ऐतिहासिक मैदान पर 142 वर्ष के इतिहास में पहला महिला क्रिकेट टेस्ट मैच था। भारत की बेटियों ने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की विजय में मध्यप्रदेश की बेटी सुश्री क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट और मैच में कुल 7 विकेट लेकर इस जीत में अपना अहम योगदान दिया है। उसे “प्लेयर ऑफ दी मैच” दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की बेटी सुश्री क्रांति गौड़ को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विजय पर आज मध्यप्रदेश के साथ पूरा देश गौरवान्वित है।

 

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प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0/ Wed, 15 Jul 2026 05:53:00 +0000 https://news.newspaperhost.com/2026/07/15/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0/ प्रधानमंत्री-मोदी-के-दूरदर्शी-नेतृत्व-में-देश-में-स्वास्थ्य-अधोसंरचना-का-हो-रहा-अभूतपूर्व-विस्तार-:-उप-मुख्यमंत्री-शुक्ल

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें […]

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प्रधानमंत्री-मोदी-के-दूरदर्शी-नेतृत्व-में-देश-में-स्वास्थ्य-अधोसंरचना-का-हो-रहा-अभूतपूर्व-विस्तार-:-उप-मुख्यमंत्री-शुक्ल

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 200 से बढ़कर 250 तथा रतलाम मेडिकल कॉलेज में 180 से बढ़कर 200 हुईं

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर तथा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाए जाने की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में स्वास्थ्य अधोसंरचना और चिकित्सा शिक्षा का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। आयुष्मान भारत, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, मेडिकल सीटों में निरंतर वृद्धि, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 200 से बढ़कर 250 तथा रतलाम मेडिकल कॉलेज में 180 से बढ़कर 200 होने से अधिक विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा और भविष्य में प्रदेश को अधिक दक्ष चिकित्सक उपलब्ध होंगे, जिससे आमजन को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस उपलब्धि के लिए दोनों चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं, फैकल्टी, चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, फैकल्टी की उपलब्धता, अस्पतालों के उन्नयन तथा मेडिकल सीटों में निरंतर वृद्धि के माध्यम से मध्यप्रदेश भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त स्वास्थ्य तंत्र विकसित कर रहा है।

 

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