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EPFO की एमनेस्टी स्कीम 2026: पुराने PF ट्रस्टों को मिली बड़ी राहत

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EPFO की एमनेस्टी स्कीम 2026: पुराने PF ट्रस्टों को मिली बड़ी राहत
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विवेक झा, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के उन प्रतिष्ठानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है, जो वर्षों से आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनके पास कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 (EPF Act) के तहत आवश्यक औपचारिक एक्जेम्प्शन (Exemption) नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित “एमनेस्टी स्कीम-2026” ऐसे प्रतिष्ठानों को छह महीने की विशेष अवसर अवधि प्रदान करती है, जिसके माध्यम से वे अपने ट्रस्ट का नियमितीकरण (Regularisation) करा सकेंगे।

भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त रौशन काश्यप ने बताया कि यह योजना निजी कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक उपक्रमों और बड़े संगठनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि इससे वर्षों से चली आ रही कानूनी एवं प्रशासनिक जटिलताओं का समाधान संभव होगा।

आयकर और EPF कानूनों में किया गया महत्वपूर्ण समन्वय

वित्त अधिनियम, 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि (Recognised Provident Fund) की व्यवस्था को EPF अधिनियम एवं सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।

अब केवल वही PF ट्रस्ट आयकर अधिनियम के अंतर्गत मान्यता प्राप्त माने जाएंगे जिन्हें EPF Act की धारा 17 के अंतर्गत विधिवत छूट (Exemption) प्राप्त होगी।

इसी परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने Amnesty Scheme-2026 लागू की है ताकि पुराने ट्रस्टों को कानूनी रूप से नियमित होने का अवसर मिल सके।

किन प्रतिष्ठानों को मिलेगा योजना का लाभ?

यह योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू होगी—

  • जो आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं।
  • लेकिन जिनके पास केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी औपचारिक Exemption Notification उपलब्ध नहीं है।

ऐसे प्रतिष्ठान अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अपने ट्रस्ट को वैधानिक रूप से नियमित करा सकेंगे।

दो श्रेणियों में बांटे गए पात्र प्रतिष्ठान

EPFO ने पात्र प्रतिष्ठानों को दो प्रमुख वर्गों में विभाजित किया है।

कैटेगरी-1

ऐसे प्रतिष्ठान—

  • जो अपने ट्रस्ट का पिछली अवधि से नियमितीकरण चाहते हैं।
  • तथा वर्तमान में बिना Exemption वाले प्रतिष्ठान के रूप में EPF अनुपालन कर रहे हैं या भविष्य में इसी रूप में अनुपालन करना चाहते हैं।

कैटेगरी-2

ऐसे प्रतिष्ठान—

  • जो अपने ट्रस्ट का पिछली अवधि से नियमितीकरण चाहते हैं।
  • तथा भविष्य में भी Exempted Establishment के रूप में कार्य जारी रखना चाहते हैं।

पिछली अवधि से मिलेगा नियमितीकरण

रौशन काश्यप के अनुसार एमनेस्टी स्कीम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पात्र प्रतिष्ठानों को उनके PF ट्रस्ट की स्थापना की तिथि से लेकर निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक Retrospective Regularisation प्रदान किया जाएगा।

अर्थात यदि कोई ट्रस्ट वर्षों से संचालित है लेकिन उसके पास औपचारिक Exemption नहीं था, तो भी योजना के तहत उसे पिछली अवधि से वैध माना जा सकेगा।

कई कानूनी शर्तों से मिलेगी छूट

योजना के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण शर्तों में राहत दी है।

इनमें प्रमुख हैं—

  • न्यूनतम कर्मचारी संख्या (Minimum Employee Strength) की अनिवार्यता से छूट।
  • न्यूनतम कॉर्पस (Corpus Size) संबंधी शर्तों से छूट।
  • तीन वर्ष के पूर्व अनुपालन (Three-Year Prior Compliance) की अनिवार्यता को पूरा हुआ माना जाएगा।

इससे बड़ी संख्या में पुराने PF ट्रस्ट बिना अतिरिक्त औपचारिकताओं के नियमित हो सकेंगे।

लंबित कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है समाप्त

एमनेस्टी स्कीम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि पात्र प्रतिष्ठानों के विरुद्ध चल रही कई कानूनी कार्यवाहियां समाप्त हो सकती हैं।

यदि यह सुनिश्चित हो जाता है कि कर्मचारियों के PF खातों में वैधानिक दर के बराबर अथवा उससे अधिक ब्याज तथा अंशदान जमा किया गया है, तो—

  • बकाया निर्धारण (Assessment)
  • Damages
  • Interest
  • अन्य लंबित कार्यवाहियां

समाप्त (Abated) मानी जाएंगी।

इतना ही नहीं, पूर्व में पारित कुछ अंतिम आदेश भी Void ab-initio (आरंभ से ही शून्य) माने जा सकते हैं।

आवेदन करना होगा अनिवार्य

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र प्रतिष्ठानों को केंद्र सरकार के नाम औपचारिक आवेदन करना होगा।

आवेदन संबंधित EPFO क्षेत्रीय कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से भेजा जा सकता है।

इसके अतिरिक्त प्रतिष्ठान अपनी रुचि (Expression of Interest) भी निम्न ई-मेल पर भेज सकते हैं—

rc.exemption@epfindia.gov.in

चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराना होगा

योजना के तहत आवेदन करने वाले प्रतिष्ठानों को अपने वित्तीय अभिलेखों का ऑडिट किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कराना होगा।

यदि EPFO विशेष ऑडिट या Compliance Audit कराने का निर्देश देता है, तो उसे आवेदन की तिथि से तीन महीने के भीतर पूरा करना होगा।

क्षेत्रीय कार्यालय देंगे पूरी सहायता

EPFO ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय पात्र प्रतिष्ठानों को आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों और नियमितीकरण से संबंधित सभी आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।

विस्तृत दिशा-निर्देश, Standard Operating Procedure (SoP), आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य जानकारी EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

उद्योग जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

श्रम कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना उन हजारों कंपनियों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिन्होंने वर्षों पहले अपने PF ट्रस्ट बनाए थे लेकिन किसी कारणवश EPF Act के तहत औपचारिक Exemption प्राप्त नहीं कर सके।

अब उन्हें कानूनी विवादों से बाहर निकलने, ट्रस्ट को नियमित करने तथा भविष्य के अनुपालन को सरल बनाने का अवसर मिलेगा।


एमनेस्टी स्कीम-2026 एक नजर में

बिंदु जानकारी
योजना का नाम Amnesty Scheme-2026
लागू करने वाली संस्था EPFO
अधिसूचना 29 जून 2026
वैधता 6 माह
लाभार्थी बिना औपचारिक Exemption वाले PF Trust
आवेदन ई-मेल के माध्यम से
प्रमुख लाभ पिछली अवधि से नियमितीकरण
विशेष राहत कानूनी कार्रवाई समाप्त होने की संभावना
ऑडिट CA द्वारा अनिवार्य
विशेष ई-मेल rc.exemption@epfindia.gov.in

किन संस्थानों के लिए सबसे अधिक उपयोगी?

  • बड़ी निजी कंपनियां
  • सार्वजनिक उपक्रम
  • विनिर्माण उद्योग
  • ऑटोमोबाइल कंपनियां
  • आईटी एवं सेवा क्षेत्र
  • शैक्षणिक संस्थान
  • अस्पताल
  • बैंक एवं वित्तीय संस्थान
  • पुराने PF ट्रस्ट संचालित करने वाले सभी प्रतिष्ठान

विशेषज्ञों की सलाह

यदि आपका प्रतिष्ठान वर्षों से Recognised Provident Fund Trust संचालित कर रहा है लेकिन EPF Act की धारा 17 के अंतर्गत औपचारिक Exemption उपलब्ध नहीं है, तो यह योजना एक महत्वपूर्ण अवसर है। समय रहते आवेदन करने, आवश्यक ऑडिट पूरा करने और सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखने से प्रतिष्ठान न केवल अपने ट्रस्ट का वैधानिक नियमितीकरण करा सकते हैं, बल्कि लंबित विवादों और संभावित कानूनी जटिलताओं से भी राहत प्राप्त कर सकते हैं।

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