भोपाल। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकारियों के आगामी वेतन समझौते (बाइपार्टाइट सेटलमेंट) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (AIBOC) ने नवंबर 2027 से प्रभावी होने वाले अगले वेतन समझौते के लिए चार्टर ऑफ डिमांड्स (Charter of Demands) तैयार करने हेतु गठित उच्चस्तरीय समिति में कैनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (CBOA) के महासचिव के. रवि कुमार को सह-अध्यक्ष (Co-Chairman) नियुक्त किया है। बैंकिंग क्षेत्र में इस नियुक्ति को अधिकारी वर्ग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
IBA को सौंपा जाएगा अधिकारियों की मांगों का प्रारूप
जानकारी के अनुसार, यह समिति बैंक अधिकारियों की सेवा शर्तों, वेतन संरचना, भत्तों, कार्य परिस्थितियों और अन्य सेवा संबंधी मांगों का विस्तृत प्रारूप तैयार करेगी। इसके बाद इस चार्टर ऑफ डिमांड्स को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को आगामी वेतन वार्ता के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह समिति आगामी वेतन समझौते की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि इसी दस्तावेज के आधार पर IBA और अधिकारी संगठनों के बीच औपचारिक वार्ताएं आगे बढ़ेंगी।
सीबीओए ने जताया गर्व, अधिकारियों के हितों को मिलेगी मजबूती
कैनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (CBOA) के उपाध्यक्ष के. के. त्रिपाठी ने कहा कि के. रवि कुमार की इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति न केवल सीबीओए बल्कि पूरे बैंकिंग अधिकारी वर्ग के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री रवि कुमार के अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ देशभर के बैंक अधिकारियों को मिलेगा तथा वे आगामी वेतन समझौते में अधिकारियों के हितों को प्रभावी ढंग से सामने रखेंगे।
दो दिवसीय भोपाल दौरे पर रहेंगे रवि कुमार
के. के. त्रिपाठी ने बताया कि के. रवि कुमार 12 और 13 जुलाई को दो दिवसीय भोपाल प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में भाग लेंगे तथा बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं पर चर्चा करेंगे।
इस दौरे के दौरान बैंकिंग क्षेत्र के समसामयिक विषयों, संगठन को मजबूत बनाने और आगामी वेतन समझौते से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
वेतन समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदें
बैंक अधिकारी संगठनों के बीच यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब नवंबर 2027 से लागू होने वाले नए वेतन समझौते की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि चार्टर ऑफ डिमांड्स में वेतन संशोधन के साथ-साथ कार्य-जीवन संतुलन, पदोन्नति, कार्यस्थल की सुविधाओं और अन्य सेवा संबंधी मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व के साथ तैयार होने वाला मांग-पत्र आगामी वार्ताओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने में मदद करेगा।
क्या है चार्टर ऑफ डिमांड्स?
चार्टर ऑफ डिमांड्स वह आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसमें बैंक अधिकारी संगठनों द्वारा वेतन वृद्धि, भत्तों, सेवा शर्तों, पदोन्नति, कार्य परिस्थितियों और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों को शामिल किया जाता है। इसी दस्तावेज के आधार पर भारतीय बैंक संघ (IBA) और अधिकारी संगठनों के बीच वेतन समझौते की औपचारिक वार्ता होती है।
मुख्य बिंदु
- AIBOC ने आगामी नवंबर 2027 वेतन समझौते की तैयारी शुरू की।
- CBOA के महासचिव के. रवि कुमार बने चार्टर ऑफ डिमांड्स समिति के सह-अध्यक्ष।
- समिति भारतीय बैंक संघ (IBA) को मांग-पत्र प्रस्तुत करेगी।
- 12-13 जुलाई को भोपाल प्रवास पर रहेंगे के. रवि कुमार।
- बैंक अधिकारियों के साथ संवाद और संगठनात्मक बैठकों में करेंगे भागीदारी।
- बैंक अधिकारी वर्ग ने नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।